सदन में उठा मिलावट का मुद्दा, हाट बाजार के खाने की होगी सख्त जांच

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उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों गैरसैंण के भराड़ीसैंण में चल रहा है। गुरुवार को सत्र का चौथा दिन है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विपक्ष जितनी भी चर्चा करना चाहता है, सरकार उसके लिए पूरी तरह तैयार है।  उन्होंने कहा कि सरकार ने कोई गलत काम नहीं किया है और विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया जाएगा।

 सत्र के लिए पूरी सरकार भराड़ीसैंण में मौजूद है। सभी मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी यहां पहुंचे हुए हैं। सत्र के सुचारु संचालन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए सैकड़ों कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

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सदन के भीतर जहां जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जारी है, वहीं सदन के बाहर लोगों के बीच यह चर्चा भी हो रही है कि सत्र कब तक चलेगा।

इस बीच स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर भी सदन में चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि हाट बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों को देने के विषय में नीतिगत निर्णय लिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग में कर्मचारियों की कमी को लेकर उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया जाएगा।

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मिलावटी खाद्य पदार्थों के मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान विधायक प्रेम चंद्र अग्रवाल, मुन्ना सिंह चौहान समेत अन्य सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जल्द ही नियमित जांच अभियान शुरू किया जाएगा।

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सदन में कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए गोल्डन कार्ड योजना के तहत कैशलेस इलाज पर अब तक 771 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी भी दी गई।

प्रश्नकाल के दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि प्रदेश में भूकंप चेतावनी प्रणाली को 500 स्थानों पर स्थापित करने की योजना है। इनमें से 169 स्थानों पर यह प्रणाली पहले ही लगाई जा चुकी है, जिस पर अब तक लगभग 115 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

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