उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने २१ जून २०२६ को होने वाली नीट (NEET) पुनर्परीक्षा और १४ जून २०२६ को आयोजित होने वाली उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा की तैयारियों की गहन समीक्षा की। मुख्य सचिव ने दोनों महत्वपूर्ण परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए।

परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग की बसों में नीट अभ्यर्थियों के लिए निशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और इस संबंध में जल्द से जल्द शासनादेश जारी करने को कहा। इसके साथ ही, जून के महीने में मौसम के मिजाज को देखते हुए उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के कारण यदि कोई सड़क बंद होती है, तो परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए एक मजबूत ‘बैकअप प्लान’ पहले से तैयार रखा जाए। १४ जून की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा के लिए केंद्रों पर सघन चेकिंग, संदिग्धों के पुलिस वेरिफिकेशन और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की हिदायत दी गई।
बैठक के दौरान आगामी २१ जून २०२६ को मनाए जाने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के देशव्यापी आयोजनों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे जनपद स्तर पर मुख्य आयोजन स्थलों की रूपरेखा समय से तैयार कर लें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि योग कार्यक्रमों के आयोजन स्थलों के पास पानी और बिजली जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं और आने वाले लोगों की सुविधा के लिए पर्याप्त वाहन पार्किंग की व्यवस्था आवश्यक रूप से उपलब्ध कराई जाए।

इस महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जी.एस. मार्तोलिया, प्रमुख सचिव अमित कुमार सिरोही, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम और सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी सहित शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और सभी जनपदों के जिलाधिकारी व कप्तान उपस्थित रहे।




