हरिद्वार बनेगा विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी: महाकुंभ-2027 से पहले ₹235 करोड़ की 4 बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास; सीएम धामी बोले- भव्य और सुरक्षित होगा कुंभ

ख़बर शेयर करें -

मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत लगभग २३५ करोड़ रुपये की चार प्रमुख विकास परियोजनाओं का अलकनंदा होटल, हरिद्वार में भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास, हर की पैड़ी व सुभाष घाट का पुनरुद्धार, हर की पैड़ी उत्तरी क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तथा रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का पुनर्विकास शामिल है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये सभी कार्य आगामी महाकुंभ-२०२७ की तैयारियों को सुदृढ़ करने, कांवड़ यात्रियों को सुगम सुविधाएं देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था व रोजगार को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किए गए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  बड़ी खबर: जनविरोध के बाद एक्शन में नैनीताल DM! लेक ब्रिज चुंगी निविदा की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित, 15 दिनों में आएगा सच सामने।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महाकुंभ-२०२७ को इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य और सुरक्षित आयोजन बनाने के लिए सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। इसके तहत हरिद्वार में नए घाटों, पुलों का निर्माण, सड़कों का चौड़ीकरण, हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी तथा चंडी देवी व मनसा देवी रोपवे जैसी आधुनिक परिवहन परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही, कांवड़ पटरी मार्ग के स्थायी विकास की सोच के साथ कदम उठाए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड का बड़ा कदम: सीएम धामी ने किया 'शाइन अवी लर्निंग मिशन-2030' का शुभारंभ; विशेष बच्चों के लिए पुस्तकें व विजुअल करिकुलम लॉन्च

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सुशासन के क्षेत्र में राज्य सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज बनाया जा रहा है। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (UCC), कड़े धर्मांतरण व नकल विरोधी कानून लागू करने, १२ हजार एकड़ से अधिक अतिक्रमण हटाने तथा ३४ हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी ढंग से सरकारी नौकरी देने का उल्लेख किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक आर. मीनाक्षी सुंदरम और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

Ad_RCHMCT