मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस (USCPPGG) के शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, विशिष्ट चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण में उच्चस्तरीय शोध, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शोध और अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों का उपयोग राज्य की नीतियों को अधिक व्यावहारिक व प्रभावी बनाने में किया जाए। साथ ही, ब्लॉक व जनपद स्तर के अधिकारियों के प्रशिक्षण, क्षमता विकास और राज्य की उपलब्धियों पर आधारित केस स्टडी तैयार करने को कहा।

बैठक में नीति निर्माण और नवाचार से युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के 10 स्नातकोत्तर (PG) छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष प्राथमिकता वाले विषयों पर कैपस्टोन परियोजना के लिए स्टाइपेंड देने पर सहमति बनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के 25 वर्षों के विकास सफर और भावी संभावनाओं पर आधारित पुस्तक ‘Uttarakhand at 25: A Himalayan State with Infinite Possibilities’ का विमोचन भी किया। बैठक में यह भी साझा किया गया कि सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के स्थानीयकरण और प्रभावी अनुश्रवण में उत्तराखंड सभी हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर है।

शासी निकाय के सदस्यों और विषय विशेषज्ञों ने ‘विकसित उत्तराखण्ड-2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें एमएसएमई क्षेत्र और ‘हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम’ उत्पादों को बढ़ावा देने, पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका के लिए होम टूरिज्म का विस्तार करने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा राज्य के आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर गहन अध्ययन कराने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन विशेषज्ञ सुझावों का परीक्षण कर उन्हें राज्य की आगामी नीतियों, वार्षिक मॉनिटरिंग लक्ष्यों और कार्ययोजनाओं में प्राथमिकता से शामिल करने के निर्देश दिए।




