मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा गोलीकांड में शहीद हुए अमर आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा शहीदों के परिजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने खटीमा को राज्य आंदोलन की तपोभूमि और जननी बताते हुए कहा कि यह राज्य आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष, त्याग और सर्वोच्च बलिदान से प्राप्त हुआ है, जिसके लिए प्रदेश का प्रत्येक नागरिक उनका सदैव ऋणी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप प्रदेश के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके तहत राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान करने के साथ ही शहीद आश्रितों व सक्रिय आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन बढ़ाकर ₹5,500 तथा घायल व जेल गए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹7,000 की गई है। इसके अतिरिक्त, आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाली मातृशक्ति के सम्मान में प्रदेश की महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने राज्य हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) और देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके माध्यम से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही, देवभूमि के मूल स्वरूप और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए सख्त धर्मांतरण रोधी कानून लागू किए गए हैं तथा अभियान चलाकर 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।




