मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नीति आयोग और शासन के बीच उच्चस्तरीय बैठक: उत्तराखंड के विकास, नवाचार और चुनौतियों पर हुआ व्यापक मंथन

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मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नीति आयोग के वरिष्ठ सदस्यों प्रो. एम. श्रीनिवास एवं प्रो. के.वी. राजू तथा शासन के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तराखंड के समग्र एवं सतत विकास, नवाचार, रोजगार सृजन और राज्य के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मुख्य सचिव ने रेखांकित किया कि राज्य में हॉर्टिकल्चर, फ्लोरिकल्चर, मत्स्य पालन और शहद उत्पादन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें आधुनिक तकनीक, मजबूत मार्केट लिंकेज और वैल्यू एडिशन के जरिए किसानों की आजीविका व आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से हाई डेंसिटी एप्पल फार्मिंग, कीवी, ड्रैगन फ्रूट और एरोमा सेक्टर में उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया तथा नीति आयोग से उन्नत प्रोजेक्ट प्रपोजल रिपोर्ट (PPR) प्रारूप साझा करने की अपेक्षा की।

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बैठक के दौरान नीति आयोग के सदस्यों द्वारा राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। प्रो. एम. श्रीनिवास ने नागरिकों को निरंतर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को मजबूत करने और आभा (ABHA) आईडी का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने पर बल दिया। वहीं, प्रो. के.वी. राजू ने स्थानीय मानव संसाधन को कौशलयुक्त बनाने की आवश्यकता जताते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से श्रमिकों को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देकर सीधे रोजगार से जोड़ने का सुझाव दिया।

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इसके अतिरिक्त, बैठक में राज्य की प्रमुख पर्यावरणीय एवं सामाजिक चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मानव-वन्यजीव संघर्ष, बंदरों एवं जंगली सूअरों द्वारा कृषि फसलों को नुकसान तथा वनाग्नि की घटनाओं को प्रमुख चुनौतियों के रूप में रेखांकित करते हुए इनके समाधान के लिए वैज्ञानिक, तकनीकी और सामुदायिक स्तर पर ठोस व एकीकृत उपाय विकसित करने पर सहमति बनी। मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया कि नीति आयोग के इन सभी रचनात्मक सुझावों का परीक्षण कर उन्हें राज्य की भावी नीतियों एवं कार्ययोजनाओं में सम्मिलित किया जाएगा।

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