कार्बेट टाइगर रिजर्व: ढेला रेस्क्यू सेन्टर में उपचाराधीन नर बाघ की मौत, NTCA गाइडलाइन के तहत हुआ पोस्टमार्टम

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रामनगर (उत्तराखण्ड): कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला स्थित रेस्क्यू सेन्टर में पिछले दो महीनों से उपचाराधीन एक वयस्क नर बाघ की 25 अगस्त को मृत्यु हो गई। गंभीर रूप से घायल इस बाघ को बचाने के तमाम चिकित्सीय प्रयास किए गए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
​रेस्क्यू और उपचार की पृष्ठभूमि
तराई पश्चिमी वन प्रभाग (रामनगर) के फांटो रेंज से 26 जून 2026 को इस वयस्क नर बाघ को बेहद गंभीर और घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तत्काल ढेला रेंज के रेस्क्यू सेन्टर लाकर निरंतर निगरानी और गहन चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया था। लगातार चले उपचार के बावजूद 25 अगस्त 2026 को दोपहर लगभग 4:30 बजे बाघ ने दम तोड़ दिया।
​NTCA गाइडलाइन के अनुसार हुआ पोस्टमार्टम
26 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की निर्धारित गाइडलाइन के तहत पशुचिकित्साधिकारियों के एक पैनल द्वारा शव-विच्छेदन (Post-mortem) किया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार बाघ के शव का विधिवत दहन कर निस्तारण कर दिया गया।

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