राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 और मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार (हल्द्वानी) में उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी विधिवत शुभारंभ किया। समारोह के दौरान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को देवभूमि खेल रत्न, द्रोणाचार्य, लाइफ टाइम अचीवमेंट और हिमालय रत्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, तथा ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ के तहत छात्रवृत्ति राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखंड अब ‘खेलभूमि’ के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इस राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण अपनी ही भूमि पर उपलब्ध होगा, जिससे उन्हें अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य सरकार वर्ष 2027 के आगामी राष्ट्रीय खेलों में शीर्ष प्रदर्शन और ओलंपिक-2036 में उत्तराखंड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष रोडमैप पर काम कर रही है। इसके तहत राज्य की नई खेल नीति-2026 लाई जा रही है, पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दी जा रही है तथा खिलाड़ियों के सटीक फिटनेस मूल्यांकन के लिए ‘मौली एआई ऐप’ शुरू किया गया है।

समारोह में वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स खिलाड़ी अंकिता को खेल रत्न व लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार, तथा वर्ष 2025 के लिए अभिनव देशवाल को खेल रत्न, मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य और मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त दिव्यांग व एकल/टीम श्रेणियों में शौर्य सैनी, सक्षम प्रताप सिंह, ममता खाती और खुशी चंद को हिमालय रत्न व हिमालय खेल रत्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संसाधनों की कमी न होने देने का भरोसा दिलाते हुए पूरी लगन और अनुशासन के साथ देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।




