रक्षा बंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आई बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत और आभार व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें राज्य के समग्र विकास एवं जनसेवा के लिए निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने बताया कि संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के साथ-साथ उत्तराखंड की सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
उत्तराखंड में ‘लखपति दीदी’ अभियान की सफलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 3 लाख 9 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, कृषि और हस्तशिल्प के जरिए अपनी आजीविका मजबूत कर राज्य की आर्थिकी में योगदान दे रही हैं। सरकार मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के जरिए महिला उद्यमियों को बाजार और नए अवसर मुहैया करा रही है।

कार्यक्रम में श्रीमती गीता पुष्कर धामी, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट समेत प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी के बिना सशक्त उत्तराखंड और विकसित भारत का संकल्प पूरा नहीं हो सकता।




