उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित मदरसों पर सख्त कार्रवाई: ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में 4 मदरसे सील; सीएम धामी बोले—’आधुनिक व मुख्यधारा की शिक्षा से बच्चों को दूर नहीं रखा जा सकता’

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उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में लागू नए नियमों और मानकों के तहत जिला प्रशासन ने ऊधमसिंह नगर के बाजपुर परगना क्षेत्र में बिना मान्यता और जरूरी दस्तावेजों के संचालित किए जा रहे चार मदरसों को सील कर दिया है। सील किए गए संस्थानों में मदरसा जामिया हनफिया रजाउत उलूम, मदरसा गुलशने इस्लाम, मदरसा जामिया फातिमा तथा मदरसा मोइनुल उलूम शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में शिक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और निर्धारित शैक्षणिक मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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राज्य में लागू नई मदरसा शिक्षा व्यवस्था और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता की अनिवार्यता के खिलाफ कुछ मदरसा संचालकों ने नैनीताल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिस पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार की नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी ऐसी व्यवस्था को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा जो बच्चों को आधुनिक और मुख्यधारा की शिक्षा से दूर रखे। सरकार ने उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड को समाप्त कर ‘उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ का गठन किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनकी धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान से जोड़े रखते हुए विज्ञान, गणित, कंप्यूटर और व्यावसायिक कौशल की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर दिया कि सभी शिक्षण संस्थानों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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