मुख्य उद्देश्य:
08 जून 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौनसार बावर क्षेत्र के पारंपरिक सांस्कृतिक महोत्सव में प्रतिभाग किया। इसका उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक कलाओं को सहेजना और क्षेत्र के विकास को नई गति देना था।

प्रमुख घोषणाएँ (चकराता व कालसी ब्लॉक के लिए):
सड़क व पुल निर्माण: समरजेंस मोटर मार्ग का चौड़ीकरण-डामरीकरण, यमुना नदी पर 60 मीटर स्पैन पुल (बागी-खेड़ा-कोटा मार्ग) तथा कई नए संपर्क मार्गों के निर्माण की घोषणा।
शिक्षा व पेयजल: प्राथमिक विद्यालय नागथात को ‘आदर्श विद्यालय‘ के रूप में विकसित करना और ग्राम खबऊ के लिए यमुना नदी से पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण।
क्षेत्रीय विकास के बड़े बजट:
महासू देवता मंदिर मास्टर प्लान: क्षेत्र के प्रसिद्ध आराध्य देव श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए ₹120 करोड़ का मास्टर प्लान गतिमान है।
कनेक्टिविटी व टाउनशिप: क्षेत्र की सड़कों को मजबूत करने के लिए ₹1,300 करोड़ से अधिक की योजनाएँ जारी हैं। साथ ही न्यू चकराता टाउनशिप के लिए ₹229 करोड़ की हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर काम चल रहा है।

जनजातीय कल्याण योजनाएँ:
‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ के तहत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गाँवों को बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
कालसी, चकराता, बाजपुर आदि क्षेत्रों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के जरिए मुफ्त विश्वस्तरीय शिक्षा दी जा रही है।
जनजातीय बेटियों के विवाह हेतु ₹50 हजार की आर्थिक सहायता और जनजातीय शोध संस्थान के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है।

कार्यक्रम में स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान सहित मेला समिति के पदाधिकारी और भारी संख्या में जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे।




