हाई कोर्ट रामनगर में स्थापित करने के लिए जनमंच ने किया व्यापक जनसंपर्क

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चन्द्रशेखर जोशी

रामनगर-उत्तराखंड हाईकोर्ट को रामनगर में स्थापित किए जाने के लिए जनमंच ने नगर व ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क आरंभ करते हुए रविवार को सभी सामाजिक, राजनैतिक संगठनों की विस्तृत बैठक का ऐलान किया है। इस दौरान जनमंच कार्यकर्ताओं ने कहा कि नैनीताल जिले में हाई कोर्ट को अन्यत्र स्थापित किए जाने के लिए राजस्व भूमि का उपयोग किया जाना है।

उच्च न्यायालय परिसर तथा आवासीय भवनों के लायक पूरे जनपद में आवश्यक भूमि रामनगर क्षेत्र के आमपोखरा क्षेत्र में उपलब्ध है। रामनगर के पीरूमदारा क्षेत्र में ग्राम आमपोखरा व धनपुर गुंसाई में लगभग 35 एकड़ राजस्व भूमि राजस्व विभाग के नियन्त्रण में है। जो कि उच्च न्यायालय के निर्माण के लिए पर्याप्त है। यह क्षेत्र सड़क, रेल तथा वायु मार्ग से सीधे जुड़ा होने के कारण प्रदेश के साथ साथ अन्य प्रदेशों से उच्च न्यायालय पहुंचने वाले वादकारियों के लिए सुगम स्थान पर है। कुमाउं गढ़वाल तथा मैदानी क्षेत्र का केंद्र बिंदु होने के कारण यह जगह पूरे प्रदेश के लोगों के लिए कहीं अधिक सुविधाजनक है।

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यदि यहां पर उच्च न्यायालय की स्थापना की गई तो भविष्य में न्यायालय की संख्या बढ़ने पर यहां विस्तार की भी पूरी सभावनाएं हैं। यदि हाईकोर्ट की स्थापना रामनगर में होती है तो रामनगर के युवाओं, किसानों, मजदूरों, व्यवसायिओं, ट्रान्सपोर्टरो को रोजगार के अवसर मिलेंगे। जिससे क्षेत्र का चहुमुखी विकास होगा। उच्च न्यायालय को रामनगर में स्थापित किए जाने के लिए मुख्य बाजार, लखनपुर, रानीखेत रोड, कोर्ट परिसर आदि स्थानों पर चलाए गए जनसंपर्क अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि हाई कोर्ट की रामनगर में स्थापना किए जाने के लिए रविवार को नगर के सभी सामाजिक, राजनैतिक, व्यापारिक तथा जन संगठनों की एक बड़ी बैठक का आयोजन ब्लॉक सभागार में किया जा रहा है।

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जिसमें सभी के सहयोग से हाई कोर्ट को रामनगर में स्थापित किए जाने की रणनीति पर विचार किया जाएगा। जनसंपर्क अभियान में एडवोकेट अतुल अग्रवाल, आनंद सिंह नेगी, मोहम्मद नसीम, एडवोकेट सुखदेव सिंह, एडवोकेट रतन सिंह चौहान, एडवोकेट दीप्ति भारद्वाज, एडवोकेट प्रमोद, एडवोकेट अजीम आदि शामिल रहे।