मातृ दिवस विशेष: जुबिन नौटियाल और नीलेश मिश्रा का यह गाना ‘ईजा’ आपकी आँखों में आँसू ला देगा

ख़बर शेयर करें -

मातृ दिवस पर अपनी ‘ईजा’ को याद करते हुए एक अनूठी भेंट
आज मातृ दिवस (Mother’s Day) है। माँ के सम्मान में दुनिया भर में कई गीत लिखे और गाए गए हैं, लेकिन कुछ गीत सीधे आत्मा को छू जाते हैं। मशहूर गायक जुबिन नौटियाल (Jubin Nautiyal) और लेखक नीलेश मिश्रा (Neelesh Misra) की जोड़ी ने एक ऐसा ही दिल को झकझोर देने वाला गाना पेश किया है “ईजा” (Eeja)।

कुमाऊंनी भाषा में ‘ईजा’ का अर्थ होता है ‘माँ’। यह गाना सिर्फ एक संगीत नहीं है, बल्कि पहाड़ों से दूर रहने वाले हर उस बच्चे की टीस है, जो अपनी माँ और अपनी मिट्टी के लिए तड़पता है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के बीच हुई अहम बैठक; उत्तराखंड में सड़क ढाँचे के विस्तार और क्षेत्रीय विकास पर हुई चर्

क्या है इस गाने में खास?
यह गाना उन यादों के गलियारों से गुज़रता है जहाँ हम सब ने अपना बचपन छोड़ा है। नीलेश मिश्रा के शब्द और जुबिन की मखमली आवाज़ आपको उत्तराखंड के उन पहाड़ों पर ले जाएगी जहाँ:

गधेरों (नदियों) के किनारे बचपन के खेल थे।

दशहरे के मेले में नई शर्ट पहनकर जाने का उत्साह था।

धूप में बैठकर ‘नींबू साने’ (पहाड़ी सलाद) खाने का वो अनूठा स्वाद था।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड को 'स्किल हब' बनाने की तैयारी: मुख्य सचिव ने दिए एकीकृत डैशबोर्ड बनाने के निर्देश; युवाओं को विदेशी नौकरियों के लिए मिलेगा प्रशिक्षण

“दूध से मलाई छटी, उनसे सलाई छटी… तेरा भी बवाला छूटा मेरी परछाई छटी।”

गाने के बोल हमें उस कड़वी सच्चाई से भी रूबरू कराते हैं कि कैसे शहरों की ओर पलायन और विकास की दौड़ ने हमारे पहाड़ों और वहां रहने वाली ‘ईजा’ को अकेला छोड़ दिया है।

यहाँ देखें “ईजा” का आधिकारिक वीडियो:
https://youtu.be/Ul9fVvHPENc

क्यों सुनें यह गाना?
यदि आप अपनी माँ से दूर हैं, या आप पहाड़ों की संस्कृति से प्यार करते हैं, तो यह गीत आपकी संवेदनाओं को जगा देगा। यह गाना हमें याद दिलाता है कि हम चाहे कितनी भी लंबी कारों या बड़े शहरों में बस जाएँ, हमारी पहचान उस ‘ईजा’ और उस छोटे से घर से ही है जिसे हम पीछे छोड़ आए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  मानसून संकट: 24×7 अलर्ट मोड में रहें अधिकारी, बंद सड़कें तुरंत खोलें — मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के सख्त निर्देश

इस मातृ दिवस, अपनी माँ के साथ बैठें और इस खूबसूरत कलाकृति का आनंद लें।

अपनी राय हमें बताएं:
आपको यह गाना कैसा लगा? क्या इसकी यादें आपके बचपन से जुड़ी हैं? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी ‘ईजा’ के लिए एक प्यारा सा संदेश ज़रूर लिखें।

Ad_RCHMCT