उत्तराखंड- अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी

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उत्तराखंड में शिक्षा विभाग में 87 शिक्षक और कर्मचारी पिछले काफी समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। विभाग की ओर से सभी को नोटिस जारी किया गया है और यदि वे अपनी मूल तैनाती पर नहीं लौटते या संतोषजनक जवाब नहीं देते, तो उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है। 

शिक्षा महानिदेशक झरना कमठान ने अनुपस्थित शिक्षकों की रिपोर्ट तलब की थी और इस संबंध में निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, और निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण समेत सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। निर्देश में बताया गया कि इन शिक्षकों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण अन्य शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पा रही है, जिससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

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विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार, अनुपस्थित शिक्षकों में नौ प्रवक्ता, 16 सहायक अध्यापक एलटी, 42 प्राथमिक शिक्षक, 13 मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी, और सात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है। 

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प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों का नियुक्ति प्राधिकारी जिला शिक्षाधिकारी बेसिक है, जबकि सहायक अध्यापक एलटी का अपर निदेशक मंडल और प्रवक्ता व प्रधानाध्यापक का निदेशक और प्रधानाचार्य का शासन है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा रामकृष्ण उनियाल ने कहा है कि अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है और यदि वे संतोषजनक जवाब नहीं देते, तो उनकी सेवा समाप्त की जाएगी।

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