रामनगर — खाना बनाते हुए चूल्हे की आग से झोपड़ी जलाकर खाक हो गयी। जिसमे घर मे सो रहे 6 माह बच्चे की जलकर दर्दनाक मौत हो गयी। जानकारी के अनुसार ग्राम बचाई जिला सोनभद्र उत्तर प्रदेश के मूल रूप से रहने वाले किशन उम्र 45 साल पुत्र विश्वनाथ रामनगर ग्राम पीरूमदारा के भवानीपुर बड़ी में एक स्टोन क्रेशर पर डंपर चालक के रूप में काम करता था। तथा वहीं पास में अपनी झोपड़ी बनाकर अपनी पत्नी अनीता 4 साल की बेटी कुसुम और 6 माह का बेटा नीरज रहता था। आज सुबह लगभग 10:00 बजे अनिता खाना बनाकर अपने बेटे नीरज और बेटी कुसुम को झोपड़ी में छोड़कर पानी लेने चली गई। इतनी देर में चूल्हे में सुलगती आग झोपड़ी की पुराल तक चली गयी। और झोंपड़ी जलने लगी। बेटी कुसुम किसी तरह से अपनी जान बचाकर झोपड़ी से बाहर भागी। जब आसपास के लोगों ने देखा तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। सूचना मिलते ही रामनगर फायर स्टेशन के एस एच् ओ किशोर उपाध्याय दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। और आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन जब तक आग पर पूरी तरह से काबू पाया तब तक नवजात 6 माह का शिशु नीरज मौत की आगोश में चला गया था। और आग ने घर मे रखा सारा सामान स्वाहा हो गया। उधर सूचना मिलते ही रामनगर कोतवाली से कोतवाल रवि सैनी, पीरूमदारा चौकी इंचार्ज कवींद्र शर्मा सहित पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिस ने नवजात शिशु के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस भीषण अग्निकांड में नवजात शिशु की मौत और झोपड़ी के जल जाने से आर्थिक क्षति की पूर्ति के लिए स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित किशन के परिवार को 6 हजार की आर्थिक मदद की। उनके साथ पूर्व पालिकाध्यक्ष लाल चौधरी भी थे। जबकि नेकी की दीवार में भी ₹2000 की आर्थिक सहायता प्रदान की।






