बदलाव की बयार: 75% सरकारी अनुदान के साथ नैनीताल की 30 एकल महिलाओं ने शुरू किया अपना स्वरोजगार!

ख़बर शेयर करें -

मुख्यमंत्री की पहल से बदली ज़िंदगी: एकल महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए मजबूत कदम

उत्तराखंड सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित “मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना” आज जनपद नैनीताल की महिलाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। यह योजना विशेष रूप से अविवाहित, तलाकशुदा, निराश्रित एवं दिव्यांग एकल महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा लाभार्थियों को 75% तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जबकि शेष 25% राशि स्वयं लाभार्थी द्वारा निवेश की जाती है। योजना के तहत महिलाओं को अधिकतम ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।

यह भी पढ़ें 👉  कुमाऊं-गढ़वाल के बीच दौड़ेगी 'रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस': सीएम धामी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी; यात्रियों की संख्या बढ़ने पर प्रतिदिन चलेगी ट्रेन

*बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) हल्द्वानी, नैनीताल शिल्पा जोशी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद नैनीताल में इस योजना का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। अब तक *30 महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है*, जिनमें से—
👉 17 महिलाओं ने पशुपालन (भैंस, गाय एवं बकरी पालन) के माध्यम से अपनी आजीविका शुरू की है
👉 वहीं 13 महिलाओं ने विभिन्न लघु उद्योगों की स्थापना कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं
इन महिलाओं की सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग मिलने पर कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है। *फरवरी माह में योजना की पहली किस्त जारी होने के बाद से ही महिलाओं में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला है।*
मुख्यमंत्री की इस जनकल्याणकारी पहल ने न केवल महिलाओं को आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।

यह भी पढ़ें 👉  जागेश्वर धाम में 'श्रावणी मेले' का भव्य आगाज: ₹147 करोड़ के मास्टर प्लान से संवर रहा है धाम; पीएम मोदी के दौरे के बाद पहुंचे रिकॉर्ड 4 लाख श्रद्धालु

यह योजना केवल सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बन चुकी है।

Ad_RCHMCT