सीमांत क्षेत्र को मिलेगा ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’, विश्वविद्यालय परिसर का होगा कायाकल्प

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उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र में उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए उत्तराखंड सरकार ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चम्पावत परिसर के लिए 5 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कुल 10 करोड़ रुपये की पूंजीगत परिसम्पत्तियों के अंतर्गत जारी की गई पहली किस्त है।

सरकार द्वारा जारी की गई इस धनराशि का उपयोग विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक केन्द्रीय पुस्तकालय, मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम और चाहरदीवारी के निर्माण में किया जाएगा। निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी ब्रिडकुल को सौंपी गई है, जिसे कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।

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केन्द्रीय पुस्तकालय में विद्यार्थियों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे अध्ययन की गुणवत्ता में सुधार होगा। वहीं मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण खेल मानकों के अनुरूप किया जाएगा, जिसमें इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार की खेल सुविधाएं रहेंगी।

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उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी देते हुए कहा कि चम्पावत परिसर को ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उनके अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सके। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए हैं कि कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए।

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डॉ. रावत ने कहा, “सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों के अधोसंरचना विकास और शैक्षिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। चम्पावत परिसर का विकास सीमांत क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा।”

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