उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के वीर सपूत विकास कुमार को सिक्किम में कर्तव्य निभाते हुए शहीद होने के बाद शुक्रवार को जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 19 कुमाऊं रेजिमेंट में तैनात इस बहादुर सैनिक ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और उनके पैतृक गांव गणकोट (सुकौली) में मातम का माहौल है।
परिजन और ग्रामीण गहरे दुख में हैं, लेकिन उनके हृदय में गर्व भी है कि उनका बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने कहा कि शहीद विकास कुमार का बलिदान देश की सेवा और सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक है। उनका यह सर्वोच्च बलिदान हमेशा स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा।
जिलाधिकारी ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि प्रशासन इस दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान हो।
शहीद विकास कुमार अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, भाई और 8 माह के शिशु को छोड़ गए हैं। इस अवसर पर महापौर कल्पना देवलाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विरेंद्र सिंह बोहरा, उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।




