राजकीय शिक्षक संघ के बाद अब प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी फूंका विरोध का बिगुल

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उप शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी का प्रभार मिनिस्टीरियल कर्मचारियों को दिए जाने एवं शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या में गैर सरकारी संगठन,जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षेप को लेकर अब प्राथमिक शिक्षक संघ भी मुखर हो उठा है।

संगठन ने इस बाबत मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री,शासन एवं निदेशालय स्तर पर अपना विरोध दर्ज कर दिया है। संगठन का कहना है कि यदि इस तरह का असंवैधानिक एवं अव्यवहारिक आदेश थोपा गया तो प्राथमिक शिक्षक संघ इसका पुरजोर विरोध करेगा।

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उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने इन निर्णय को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा की लंबे समय से प्रारंभिक शिक्षा एवं शिक्षकों की समस्याओं का कोई निदान नहीं हो पा रहा है बल्कि इसके विपरीत जाकर अनेक शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी निर्णय थोपे जा रहे हैं जिसे लेकर प्रदेश के शिक्षकों में भारी आक्रोश है।

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संगठन के प्रतिनिधि मनोज तिवारी ने कहा की आगामी 9 जून को इस विषय पर पदम सिंह शिक्षक भवन देहरादून में प्रदेश के समस्त 13 जनपदों के पदाधिकारी के साथ प्रांतीय तदर्थ समिति पदाधिकारी की संयुक्त बैठक होनी निश्चित हुई है।

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जिसमें संगठन के निर्वाचन के साथ-साथ इन शिक्षक विरोधी मुद्दों परआगामी रणनीति पर चर्चा कर निर्णय लिए जाएंगे।
उन्होंने शीघ्र ही इन आदेशों को व्यापक छात्रहित के दृष्टिगत तत्काल वापस दिए जाने की मांग की है।

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