भारत सरकार के वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) द्वारा जारी अलर्ट के बाद, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर के निर्देशानुसार एक बड़ा सुरक्षा अभियान चलाया गया।
सुरक्षा और निगरानी अभियान की मुख्य बातें:
संयुक्त टीम का गठन: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उप प्रभागीय वनाधिकारी (कालागढ़) के नेतृत्व में कालागढ़ रेंज और उत्तर प्रदेश के बिजनौर वन प्रभाग की अमानगढ़ रेंज की टीम ने इस अभियान में हिस्सा लिया।
सघन गश्त (Patrolling): कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और घुसपैठ को रोकने के लिए विशेष चौकसी बरती गई। यह गश्त धारा गांव, यू.पी. सीमा बाउंड्री, छजमलवाला गांव, कल्लूवाला और लालबाग सहित आसपास के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में की गई।
सर्च ऑपरेशन: गश्ती दल ने मेटल डिटेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और अवैध शिकार की संभावनाओं की जांच की। सघन चेकिंग के बाद वन क्षेत्र में कोई भी अवैध गतिविधि या संदिग्ध सामग्री नहीं पाई गई।
वनाग्नि (Fire Season) के प्रति जागरूकता:
वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए, टीम ने आसपास के गांवों के स्थानीय लोगों को आगामी ‘फायर सीजन’ के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों को वनाग्नि से बचाव, सतर्कता और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान में शामिल प्रमुख अधिकारी:
इस संयुक्त गश्त के दौरान श्री अमित कुमार ग्वासीकोटी (उप प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़), श्री नन्द किशोर रुवाली (वन क्षेत्राधिकारी, कालागढ़), वन दरोगा श्री सरत सिंह बिष्ट, श्री सोहन सिंह पटवाल व श्री वाकर रजा, वन आरक्षी श्री श्यामलाल, श्री गौरव कुमार, श्री विकास कुमार, श्री मनोज कुमार सहित अमानगढ़ रेंज के श्री प्रदीप सिंह, श्री बब्लू सिंह, श्री राहुल सिंह रावत, श्री रितेश कुण्डपाल, श्री ललित मोहन चन्द्र, श्री जगमोहन सिंह रावत, श्री फूल सिंह और श्री नदीम उपस्थित रहे।




