राज्य में 47 हज़ार लोगो को किया वेरिफिकेशन, अब तक इतने पाए गए संदिग्ध

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राज्य के पूरे 13 जिलों में राज्य के मूल निवासियों पुलिस द्वारा 10 दिनों का वेरिफिकेशन ड्राइव चलाया जा रहा है. जिसके तहत उत्तराखंड में बाहर से आए हुए लोगों का सत्यापन करके उनकी पहचान की जा रही है. उत्तराखंड पुलिस डोर टू डोर जाकर लोगों के डॉक्यूमेंट मांगकर सत्यापन कर रही है.


क्या बोले डीजीपी?
उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार बताते हैं, “इस पूरे ड्राइव को शुरू हुए अभी तक आठ दिन हो चुके हैं और पिछले सात दिनों का डाटा हमारे पास है. उसके तहत 47 हजार लोगों का वेरिफिकेशन किया गया है उनमें से 2087 लोग ऐसे पाए गए हैं जो संदिग्ध हैं. इन सभी लोगों का चालान किया गया है.”

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आरोपों पर क्या बोले?
वेरिफिकेशन ड्राइव को समुदाय विशेष के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के आरोप पर बात करते हुए उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार बताते हैं कि यह सारे आरोप निराधार हैं. जो भी लोग बाहर से आए हैं, उन सब के लिए यह लागू है. किसी समुदाय विशेष वर्ग विशेष जाति विशेष के लिए नहीं है.

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क्या बोले थे सीएम?
बता दें कि पिछले दिनों सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे, इसके लिए हमने राज्य में एक वेरिफिकेशन अभियान शुरू करने का फैसला किया है. इससे हमें राज्य में अनावश्यक बढ़ते तत्वों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, जो राज्य में शांति भंग कर सकते हैं. ये चर्चा उत्तराखंड में तैयार किए जा रहे यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर की जा रही थी. बीजेपी ने चुनाव के दौरान राज्य में यूनिफार्म सिविल कोड लागू करने का वादा किया था.

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