उत्तराखण्ड के हर विकासखण्ड में एक-एक आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव विकसित होंगे।

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तीन वर्षीय कार्ययोजना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखण्ड से एक गांव चुनकर उसे कृषि व उद्यान के मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, जैविक खेती, वैज्ञानिक तकनीक और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना बनाने को कहा।

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क्षेत्रवार खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र की जलवायु, भूमि और स्थानीय जरूरतों के अनुसार तय किया जाए कि कौन-सा फल, सब्जी या कृषि उत्पाद बेहतर होगा। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर और अन्य संस्थानों के सहयोग से बड़े पैमाने पर कृषि गोष्ठियां और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

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तकनीक और बाजार
तिलहनी फसलों—सरसों, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन—को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को बायोगैस संयंत्र, सौर ऊर्जा पंप, डिजिटल विपणन, जैविक खेती और लैब-टू-लैंड मॉडल से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।

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बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में मंडी परिषद अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार डब्बू, सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव बंशीधर तिवारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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