उत्तराखण्ड के हर विकासखण्ड में एक-एक आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव विकसित होंगे।

ख़बर शेयर करें -



तीन वर्षीय कार्ययोजना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखण्ड से एक गांव चुनकर उसे कृषि व उद्यान के मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, जैविक खेती, वैज्ञानिक तकनीक और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना बनाने को कहा।

यह भी पढ़ें 👉  पीएनजी महाविद्यालय रामनगर की अनूठी पहल, स्कूलों में निशुल्क योग शिविरों के माध्यम से समाज को स्वास्थ्य के प्रति कर रहे सजग।


क्षेत्रवार खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र की जलवायु, भूमि और स्थानीय जरूरतों के अनुसार तय किया जाए कि कौन-सा फल, सब्जी या कृषि उत्पाद बेहतर होगा। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर और अन्य संस्थानों के सहयोग से बड़े पैमाने पर कृषि गोष्ठियां और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें 👉  CBSE Board Result 2026:आ गया CBSE कक्षा 12 का रिजल्ट


तकनीक और बाजार
तिलहनी फसलों—सरसों, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन—को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को बायोगैस संयंत्र, सौर ऊर्जा पंप, डिजिटल विपणन, जैविक खेती और लैब-टू-लैंड मॉडल से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।

यह भी पढ़ें 👉  बच्चों को मिलेगी सौगात: आधुनिक खेल उपकरणों से लैस होगा बागेश्वर का नया चिल्ड्रेन पार्क, जिलाधिकारी ने जांची गुणवत्ता।


बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में मंडी परिषद अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार डब्बू, सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव बंशीधर तिवारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Ad_RCHMCT