हल्द्वानी में फर्जी स्थायी निवास प्रमाणपत्र का बड़ा खेल उजागर, पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में फर्जी स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाकर सुनियोजित तरीके से डेमोग्राफी चेंज किए जाने के गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पूरे प्रकरण का खुलासा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने किया।

यह कार्रवाई तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पांडे की ओर से 14 नवंबर 2025 को दी गई तहरीर के आधार पर की गई। तहरीर पर थाना बनभूलपुरा में मुकदमा संख्या 259/2025 पंजीकृत किया गया, जिसमें BNS की धारा 316(5), 318(4), 336(3), 338 और 61(2) के गंभीर प्रावधान शामिल किए गए।

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वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शुरू हुई जांच के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने निम्न तीन आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की—

1. मोहम्मद फैजान, निवासी नई बस्ती, बनभूलपुरा
2. रईस अहमद, निवासी वार्ड 26, नई बस्ती, आस्ताना मस्जिद के पास
3. दिनेश सिंह दासपा, निवासी पिथौरागढ़, वर्तमान में काठगोदाम स्थित UPCL कार्यालय में T.G. Second पद पर तैनात

पूछताछ में फैजान ने स्वीकार किया कि उसने इल्मा पुत्री रईस अहमद द्वारा जाति प्रमाण पत्र हेतु दिए गए दस्तावेजों का दुरुपयोग कर, रईस अहमद के नाम से फर्जी स्थायी निवास प्रमाणपत्र तैयार कराया। उसने यह भी कबूला कि इस प्रकार के कई अन्य फर्जी प्रमाणपत्र भी उसने बनाए हैं।

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रईस अहमद ने स्वीकार किया कि वह जानता था कि दिए गए दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास प्रमाणपत्र नहीं बन सकता, इसके बावजूद उसने आर्थिक लाभ देकर फैजान से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराया और इसी फर्जी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर अपना विवाह प्रमाणपत्र भी बनवा लिया।

वहीं बिजली विभाग के कर्मचारी दिनेश सिंह दासपा ने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से फैजान के संपर्क में था और उसके कहने पर 15 वर्ष पुराने बिजली कनेक्शन के बिलों की स्टाम्पयुक्त प्रतियां और अन्य विवरण उपलब्ध कराता था। बदले में वह प्रति बिल ₹500 प्राप्त करता था। ये दस्तावेज फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने में उपयोग किए जाते थे।

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जांच में तीनों अभियुक्तों की भूमिका पुख्ता मिलने पर फैजान और रईस अहमद के खिलाफ धारा 318(4), 316(5), 336(3), 338 और 61(2) BNS, तथा दिनेश सिंह दासपा के खिलाफ धारा 318(4) और 61(2) BNS के अंतर्गत कार्रवाई की गई। साक्ष्यों की सुरक्षा, आगे की विवेचना और अन्य अपराधों को रोकने हेतु तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लिया गया और न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।

गिरफ्तारी टीम में थानाध्यक्ष सुशील जोशी, उ.नि. जगवीर सिंह, उ.नि. मनोज यादव, हे.कानी. रमेश कांडपाल एवं कानी. शितम कुमार शामिल रहे। 

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