दुःखद- उत्तराखंड का लाल जम्मू कश्मीर में शहीद

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उत्तराखंड के लिए दुःखद खबर है। देवभूमि का एक और लाल जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के तंगधार में पेट्रोलिंग के दौरान  शहीद हो गया। इस खबर से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। शव रविवार को पहुंचने की संभावना है।

 हवलदार सत्ये सिंह 17वीं गढ़वाल राइफल में तैनात थे और कुपवाड़ा में आर्मी यूनिट के साथ जेसीओ की भूमिका में ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए। 42 साल के हवलदार सत्ये सिंह बिष्ट पुत्र स्वर्गीय गोपाल सिंह बिष्ट मूल रूप से ग्राम जुराना, चंद्रबदनी खास पट्टी टिहरी गढ़वाल के रहने वाले थे। वर्तमान में वो पिछले सात साल से अठुरवाला में रह रहे थे।

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  शुक्रवार दोपहर सेवा के अधिकारियों द्वारा बलिदान के परिजनों को सूचना दी गई कि सते सिंह बिष्ट जम्मू कश्मीर में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हो गए। खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है वहीं गांव में मातम छाया हुआ है। आज शाम देहरादून एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर से उनके पार्थिव शरीर को लाए जाने की संभावनाएं हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी संगीता (42) पुत्री स्वाति बिष्ट, महक बिष्ट और पुत्र अयान बिष्ट हैं। 

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बलिदानी के परिवार में दो बहन और एक भाई है। अंतिम संस्कार कल ऋषिकेश में किया जाएगा। हरिद्वार के सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लिखा, “जम्मू कश्मीर के तंगधार में अपना फर्ज निभाते हुए अठूरवाला, देहरादून निवासी 17 गढ़वाल राइफल्स के जेसीओ सते सिंह बिष्ट के शहीद होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस एवं शौर्य का परिचय देने वाले वीरभूमि उत्तराखंड के हमारे वीर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि। शहीद के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। जय हिंद!”

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