टिहरी झील को ‘ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने की तैयारी: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिए 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का मास्टर व जोनल प्लान बनाने के निर्देश

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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ की अवधारणा के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक समग्र मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बेतरतीब और अनियोजित निर्माण को रोकने के लिए झील के आसपास के लगभग 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को इसमें शामिल किया जाए, जिसमें सरकारी और निजी दोनों भूमि समाहित होगी। योजना निर्माण में पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली एवं भोपाल से तकनीकी सहयोग लेने पर विचार करने को कहा गया है।

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क्षेत्र को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के उद्देश्य से पूरे लेक एरिया में आकर्षण के केंद्र (मैगनेट एरिया) विकसित किए जाएंगे, जिससे पर्यटक यहां कम से कम एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक ठहर सकें। इसके तहत वॉटर स्पोर्ट्स के साथ-साथ साहसिक खेल, ट्रैकिंग ट्रेल्स, नेचर वॉक, विलेज और कल्चरल टूरिज्म को एकीकृत रूप से विकसित करने की योजना है, ताकि पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, खान-पान और ग्रामीण परिवेश का अनुभव मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो सके।

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इसके अतिरिक्त, पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए मौसम और जलस्तर के अनुसार 12 महीनों का गतिविधि कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से अप्रैल से जून के दौरान जलस्तर कम रहने पर भी गतिविधियां जारी रखने के लिए अलग कार्ययोजना बनेगी। मुख्य सचिव ने टिहरी लेक को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की इस समग्र कार्ययोजना पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए, जिसे प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। साथ ही बेहतर समन्वय के लिए आगामी बैठकों में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी शामिल करने को कहा गया है।

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