नैनीताल स्थित जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष (दर्जा राज्यमंत्री) भावना मेहरा ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास प्राधिकरण का प्राथमिक उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और सुनियोजित निर्माण को प्रोत्साहित करना है, न कि नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करना। बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को उन्होंने मौके से ही फोन करवाकर कड़ी फटकार लगाई और उनकी जवाबदेही तय करने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही विभिन्न विकास कार्यों में शिथिलता बरतने वाले लापरवाह अधिकारियों को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के आदेश दिए गए।
राज्यमंत्री ने आम जनता की सहूलियत को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि जिला पंचायत और नगर पालिका क्षेत्रों में आवासीय भवनों के मानचित्र (नक्शे) स्वीकृत करते समय मार्गों की चौड़ाई से जुड़े जटिल नियमों में व्यावहारिक शिथिलीकरण किया जाए, जिससे नागरिकों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को दफ्तरों तक सीमित रहने के बजाय धरातल पर उतरकर विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने और जनता के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाने की हिदायत दी। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि किसी भी नागरिक को अपने जायज काम के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े तो संबंधित अधिकारी की सीधी जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में विभिन्न नगर निकायों में आवंटित आवासों की स्थिति की भी समीक्षा की गई, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।




