उत्तराखंडी लोकभाषाओं और संस्कृति के संरक्षण में जुटी संस्था ‘दुदबोली’ द्वारा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से आगामी 1 नवंबर (रविवार) को रामनगर स्थित पर्वतीय सभा भवन, लखनपुर में ‘गीत पुराना कंठ नया’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में आयोजित तैयारी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य में पहली बार आयोजित हो रहे इस अनूठे मंच पर उत्तराखंड के मूर्धन्य लोककवियों की कविताओं और गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
कार्यक्रम के तहत कुमाउनी, गढ़वाली, जौनसारी और नेपाली लोक साहित्य के जाने-माने साहित्यकारों की कालजयी रचनाओं को नए कलाकारों के कंठ और आधुनिक संगीत संयोजन के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि पहाड़ के जीवन, संघर्ष और संस्कृति की समृद्ध विरासत युवाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। बैठक में प्रो. गिरीश चंद पंत, निखिलेश उपाध्याय, महेंद्र आर्या, धर्मेंद्र नेगी सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ साहित्यकार, शिक्षाविद और संस्कृतिकर्मी उपस्थित रहे।




