उत्तराखंड में धामी कैबिनेट विस्तार की संभावना, इन नामों की है चर्चा

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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल का विस्तार अब तय माना जा रहा है, और इसको लेकर प्रदेशभर में चर्चा का माहौल है। लंबे समय से इस विस्तार का इंतजार किया जा रहा था, और हाल ही में कुछ घटनाओं ने इस बात को और पुख्ता किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के बाद, मुख्यमंत्री धामी का दिल्ली जाना और वहां कुछ दिन रुकना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के बयान—यह सभी घटनाएं विस्तार की ओर इशारा कर रही हैं।

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फिलहाल, धामी मंत्रिमंडल में चार पद खाली हैं, और इस खाली स्थान पर नए चेहरों की उम्मीदें जगी हैं। संभावित दावेदारों में विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, धर्मपुर विधायक विनोद चमोली, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा, भेल रानीपुर विधायक आदेश चौहान, और कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल के नाम प्रमुख हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा नेतृत्व को क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन बनाए रखते हुए युवा नेताओं को अवसर देने का प्रयास करना होगा।

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भट्ट का मीडिया में यह बयान कि कैबिनेट विस्तार निश्चित है, इस बात की ओर इशारा करता है कि बदलाव अब अनिवार्य हो चुका है। इस बयान में उन्होंने खास तौर से यह उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री इस बारे में जल्द फैसला लेंगे। उनके दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की संभावना, और बलूनी का यह कहना कि उन्होंने पार्टी फोरम में अपनी बात मजबूती से रखी है, यह संकेत दे रहे हैं कि कुछ बड़ा बदलाव होने वाला है।

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दिलचस्प यह है कि सिर्फ मंत्रिमंडल विस्तार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि चर्चा है कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी अदला-बदली हो सकती है। भाजपा नेतृत्व को राज्य में नए प्रदेश अध्यक्ष और मुख्य सचिव के चयन पर भी फैसला लेना है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह समय बहुत ही माकूल है, क्योंकि लोकसभा चुनाव, विधानसभा उपचुनाव और स्थानीय निकायों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं।

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