बजट में उत्तराखंड का भी जिक्र, आपदा से निपटने में मदद

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मोदी 3.0 (Modi 3.0) के पहले बजट 2004 को पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाषण के दौरान उत्तराखंड के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। दैवीय आपदा के लिहाज से अति संवेदनशीन उत्तराखंड को आपदा से निपटने के लिए आर्थिंक मदद की जाएगी।

बजट को लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि आम बजट अमृतकाल का महत्वपूर्ण बजट है। यह पांच साल के लिए हमारी दिशा तय करने के साथ ही 2047 तक विकसित भारत की आधारशिला रखेगा। ऐसा पहली बार हुआ जब आम बजट पेश करने के दौरान उत्तराखंड का जिक्र हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बताया कि उत्तराखंड में बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान को लेकर सरकार मदद करेगी। 

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बजट पर सीएम धामी ने अपनी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुआ कहा कि केंद्रीय बजट 2024-25 में मुद्रा लोन की सीमा को 10 लाख से बढ़ा कर 20 लाख किया जाना ऐतिहासिक निर्णय है। इसके माध्यम से देश के गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यम और अधिक सशक्त होंगे। निश्चित तौर पर इन क्षेत्रों के मजबूत होने से देश की आर्थिकी सशक्त होगी।

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 कहा कि यह महत्वपूर्ण निर्णय विकसित भारत के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। केंद्रीय बजट 2024-25 में उत्तराखंड में दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान के लिए स्पेशल सहायता पैकेज देने की घोषणा करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार जताया। कहा कि इस स्पेशल पैकेज के माध्यम से प्रदेश में आपदाओं से होने वाली क्षति राज्य की विकास की गति को बाधित नहीं कर सकेगी। 

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पर्यटन के विकास पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान है। बोधगया के महाबोधि मंदिर के लिए कॉरिडोर निर्माण का एलान किया गया है। गया के विष्णुपद मंदिर के लिए कॉरिडोर बनेगा। यह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास पर आधारित होंगे। राजगीर भी बौद्ध और जैन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। राजगीर के तीर्थ क्षेत्रों का भी विकास होगा। नालंदा को भी पर्यटन केंद्र के रूप में मजबूत करने के लिए वहां विकास जाएगा।

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