मानवता की मिसाल: रामनगर के युवा समाजसेवी आरिश सिद्दीकी ने देर रात काशीपुर पहुंचकर किया SDP डोनेशन

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रामनगर/काशीपुर। मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता और जब किसी की जिंदगी बचाने की बात हो तो समय और दूरी मायने नहीं रखते। इसी सोच को साकार करते हुए रामनगर निवासी युवा समाजसेवी आरिश सिद्दीकी ने देर रात एक जरूरतमंद मरीज के लिए काशीपुर पहुंचकर SDP (Single Donor Platelets) डोनेट किया और मानवता की मिसाल पेश की।
जानकारी के अनुसार, देर रात एक मरीज को प्लेटलेट्स की तत्काल आवश्यकता थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए SDP डोनर की तलाश की जा रही थी। जैसे ही इसकी सूचना आरिश सिद्दीकी को मिली, वे रात करीब 2 बजे रामनगर से काशीपुर के लिए रवाना हो गए और KVR Hospital, Kashipur पहुंचकर मरीज के लिए SDP डोनेशन किया।
SDP डोनेशन सामान्य रक्तदान से अलग और अधिक समय लेने वाली प्रक्रिया होती है। इसमें विशेष मशीन के माध्यम से केवल प्लेटलेट्स निकाली जाती हैं, जबकि बाकी रक्त शरीर में वापस पहुंचा दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक घंटे का समय लगता है। देर रात होने के बावजूद आरिश सिद्दीकी ने पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर मरीज की सहायता की।
गौरतलब है कि आरिश सिद्दीकी लंबे समय से सामाजिक सेवा और रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे अब तक 13 बार स्वैच्छिक रक्तदान तथा 2 बार SDP डोनेशन कर चुके हैं। उनका मानना है कि जरूरत के समय किसी की मदद करना ही सच्ची इंसानियत है और रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं है।
आरिश सिद्दीकी ने कहा कि अस्पतालों में प्रतिदिन कई मरीजों को रक्त और प्लेटलेट्स की आवश्यकता पड़ती है। डेंगू, कैंसर, थैलेसीमिया, दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए रक्तदान और SDP डोनेशन जीवनदायिनी साबित होता है। उन्होंने युवाओं से आगे आकर नियमित रक्तदान करने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। एक स्वस्थ व्यक्ति का रक्तदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है, ताकि किसी भी मरीज को रक्त या प्लेटलेट्स के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्षेत्र के लोगों ने आरिश सिद्दीकी के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि आधी रात को रामनगर से काशीपुर पहुंचकर लगभग एक घंटे तक SDP डोनेशन करना सेवा, समर्पण और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं।
“रक्तदान महादान है, क्योंकि इसका कोई विकल्प नहीं है। आपका एक छोटा सा प्रयास किसी की जिंदगी बचा सकता है। आइए, रक्तदान को अपनी जिम्मेदारी बनाएं और जरूरत पड़ने पर मानवता की इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लें।”

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