कार्बेट टाइगर रिजर्व में प्रकृति संरक्षण के महानायक एडवर्ड जेम्स (जिम) कॉर्बेट की 151वीं जयंती हर्षोल्लास व गरिमामय वातावरण में मनाई गई

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रामनगर (नैनीताल)। विश्वविख्यात प्रकृतिविद्, महान संरक्षणवादी एवं लेखक एडवर्ड जेम्स (जिम) कॉर्बेट की 151वीं जयंती कार्बेट टाइगर रिजर्व में अत्यंत प्रेरणादायी वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर कालाढूंगी म्यूजियम, कार्बेट वन्यजीव प्रशिक्षण केन्द्र (कालागढ़) तथा सर्पदुली रेंज के धनगढ़ी वन परिसर में विविध जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
​कार्यक्रम की मुख्य बातें:
​श्रद्धांजलि एवं शुभारंभ: कार्यक्रम की शुरुआत जिम कॉर्बेट के चित्र/प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं केक काटकर की गई।
​प्रेरणादायी जीवन का स्मरण: 25 जुलाई, 1875 को जन्मे जिम कॉर्बेट के साहसिक जीवन, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के प्रयासों तथा चम्पावत की बाघिन से लोगों की रक्षा करने जैसे प्रसंगों को याद किया गया। साथ ही उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों (Man-Eaters of Kumaon, My India, Jungle Lore, The Temple Tiger) के माध्यम से दिए गए प्रकृति संरक्षण के संदेश पर प्रकाश डाला गया।

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स्वच्छता अभियान: जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय राजमार्ग-309 स्थित धनगढ़ी पुल के पास ‘वेस्ट वॉरियर’ संस्था के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 40 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्र कर वैज्ञानिक निस्तारण हेतु भेजा गया।
​सांस्कृतिक प्रस्तुतियां व भ्रमण: राजकीय इंटर कॉलेज (जी०आई०सी०), ढिकुली की छात्राओं द्वारा प्रकृति संरक्षण पर आधारित गीत व चित्रकला प्रस्तुत की गई। छात्र-छात्राओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को संग्रहालय का भ्रमण कराकर जैव विविधता के प्रति जागरूक किया गया।
​सहभागिता: कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वनकर्मियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और पर्यटकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पार्क वार्डन बिन्दर पाल, विधायक प्रतिनिधि मदन जोशी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा वन अधिकारियों ने सभी से पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प दिलाया।

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