शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम नागरिकों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक जनसमस्या का निस्तारण पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा के भीतर किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनहित और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है, और जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन समस्याओं का निस्तारण जिला या विभागीय स्तर पर संभव है, उन्हें अविलंब निपटाया जाए, जबकि उच्च स्तर से संबंधित मामलों को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी कतई स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तहसील और जिला स्तर पर जनसुनवाई की पूरी व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए ताकि आमजन को त्वरित और सुलभ राहत मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का मूल मंत्र ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ है, और अधिकारियों को इसी भावना के साथ कार्य करते हुए शिकायतकर्ताओं को उनके मामलों में हुई प्रगति से निरंतर अवगत भी कराना चाहिए।




