बड़ी खबर: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, PM को भेजा त्यागपत्र, नीट विवाद और जंतर-मंतर प्रदर्शन को बताया वजह

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नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक विस्तृत संदेश साझा किया है। अपने संदेश में उन्होंने देश के युवाओं, नीट-यूजी परीक्षा में आई अनियमितताओं और हालिया घटनाक्रमों का जिक्र किया है।
​📌 पत्र में क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
​धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र और संदेश में मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें कही हैं:
​1. नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई अनियमितता और कार्रवाई
​सीबीआई जांच और रद्द परीक्षा: उन्होंने कहा, “3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की। साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को CBT (Computer-based test) मोड में कराने का निर्णय लिया।”
​पुनः परीक्षा और परिणाम: उन्होंने बताया कि 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई और 16 जुलाई को परिणाम घोषित हुए, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि के कई मेधावी छात्रों को सफलता मिली।
​परीक्षा माफिया पर प्रहार: उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही दिन से इसकी जिम्मेदारी ली थी और उनका संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे।

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​2. इस्तीफे की मुख्य वजह और जंतर-मंतर का जिक्र
​दुखी मन और त्यागपत्र: धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, “पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे… इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।”
​गुमराह करने का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि नीट परिणाम आने के बाद भी जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने की कोशिश की, जिससे वे अत्यंत व्यथित हुए।
​3. आभार और राष्ट्रसेवा का संकल्प
​प्रधानमंत्री का आभार: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।
​भविष्य की प्रतिबद्धता: उन्होंने अंत में लिखा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे प्रभु श्री जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे।

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