मालधन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानकों के अनुरूप चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की नियुक्ति तथा मरीजों को ओपीडी, प्रसव, ऑपरेशन, इमरजेंसी समेत एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, एम्बुलेंस व अन्य सभी प्रकार की चिकित्सीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग को लेकर महिला एकता मंच व युवा एकता संगठन द्वारा मालधन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने किया धरना-प्रदर्शन ।

ख़बर शेयर करें -

मालधन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानकों के अनुरूप चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की नियुक्ति तथा मरीजों को ओपीडी, प्रसव, ऑपरेशन, इमरजेंसी समेत एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, एम्बुलेंस व अन्य सभी प्रकार की चिकित्सीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग को लेकर महिला एकता मंच व युवा एकता संगठन द्वारा मालधन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने धरना-प्रदर्शन किया तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल को अस्पताल के चिकित्सक अखिलेश कुमार यादव के माध्यम से ज्ञापन भी प्रेषित किया।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर: स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और फैक्ट्री निजीकरण को लेकर सड़क पर उतरे युवा, मंत्री सुबोध उनियाल के घेराव के बाद दी सख्त चेतावनी

भारी बारिश के बावजूद भी मालधन क्षेत्र के कोने-कोने से बड़ी संख्या में महिलाएँ एवं युवाओं ने आकर इस धरना-प्रदर्शन मे भागीदारी की।

धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कोरोना काल में भी मालधन अस्पताल की हालत बद से बदतर बनी हुई है। जनता के आंदोलन के कारण पिछले दिनों सरकार द्वारा चार डॉक्टरों की नियुक्ति मालधन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गयी थी।

यह भी पढ़ें 👉  वन और वन्यजीव अपराधों पर लगेगी लगाम: कॉर्बेट में सघन गश्त और त्वरित कार्रवाई के लिए बेड़े में शामिल हुईं 10 नई मोटरसाइकिलें

परंतु सरकार व प्रशासन ने मालधन क्षेत्र की उपेक्षा करते हुए चार में से तीन डॉक्टरों डा.प्रशांत कौशिक, डा.अर्चना कौशिक व डा.धनंजय पनेरू को दूसरे अस्पतालों के साथ अटैच कर दिया है। सरकार व प्रशासन का यह कदम मालधन क्षेत्र की जनता के साथ सरासर नाइंसाफी है ।

महिला एकता मंच की गंगा देवी व युवा एकता संगठन के लोकेश कुमार ने कहा कि अगर हमारे मानकों के आधार पर सरकार द्वारा मालधन के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टरों की नियुक्ति कर, अन्य चिकित्सीय सेवाएँ उपलब्ध नहीं कराई गईं तो क्षेत्र की जनता आंदोलन तेज करने को बाध्य होगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी।

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम स्थापना दिवस: उमड़ा आस्था का सैलाब, 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा नीब करौरी के दर्शन!

धरना-प्रदर्शन में गंगा सैनी, ललिता रावत, पुष्पा चन्दोला, आनंदी देवी, विमला देवी, मंजू देवी ,नारायणी देवी, निशा , ऊमा, दीपा, सरस्वती जोशी, लोकेश कुमार, इंद्रजीत सिंह, राकेश, विजय, जगन्नाथ, मदन मेहता, दिगम्बर समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।


Ad_RCHMCT