मुख्य उद्देश्य:
06 जून 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में अल्मोड़ा के हवालबाग में राज्य स्तरीय ‘खेत बचाओ अभियान‘ का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के खतरों के बीच कृषि, मिट्टी और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करना है।
प्रमुख घोषणा और वित्तीय प्रावधान:
₹6 करोड़ की तारबाड़ योजना: मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले में जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए 6 करोड़ रुपये की लागत से तारबाड़ (Fencing) कराने की घोषणा की।
बजट में ₹200 करोड़: किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

प्रमुख बिंदु:
जनांदोलन का आह्वान: मुख्यमंत्री ने ‘खेत बचाओ अभियान’ को जनभागीदारी से जोड़कर एक जनांदोलन बनाने और किसानों से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए नियमित सॉइल टेस्टिंग (मिट्टी परीक्षण) कराने की अपील की।
पारंपरिक व सुगंधित फसलों को बढ़ावा: मांडुआ, झंगोरा, चौलाई जैसे पारंपरिक मोटे अनाजों (मिलेट्स) के साथ-साथ राज्य के लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों (Aromatic Crops) की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पारदर्शिता (DBT): सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है, जिससे बिचौलिए खत्म हो गए हैं।
कृषि मंत्री का संबोधन: कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जैविक व प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया और बताया कि खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद सही नीतियों से कृषि उत्पादों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।

कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया। इसमें स्थानीय विधायकों सहित भारी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।




