मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शनोपरांत उन्होंने धाम में ‘आस्था पथ’ सहित मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न ढांचागत विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण गुणवत्ता और समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक सुविधाओं के विकास के साथ-साथ धाम के पौराणिक स्वरूप, आध्यात्मिक गरिमा और प्राकृतिक सौंदर्य का संरक्षण सर्वोपरि रखा जाए। इसके पश्चात उन्होंने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान द्वारा आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में शिरकत कर देश के विभिन्न प्रांतों से आए 150 से अधिक संत-साध्वियों और 1200 से अधिक श्रद्धालुओं के बीच संतों का आशीर्वाद लिया।


इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने श्री बदरीनाथ धाम के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सद्भावना’ एवं चमोली जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इससे पूर्व उन्होंने निकटवर्ती बामणी गांव में नंदा अष्टमी उत्सव में ग्रामीणों के साथ सहभागिता की। महोत्सव परिसर में सेना की आधुनिक हथियार प्रदर्शनी और महिला स्वयं सहायता समूहों के पहाड़ी व्यंजन व हस्तशिल्प स्टॉलों का अवलोकन करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3.10 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के जरिए माणा, नीति और जादुंग जैसे सीमांत गांवों में पर्यटन व आजीविका को बढ़ावा देने, पलायन रोकने और सेना व नागरिकों के आपसी समन्वय को सुदृढ़ करने पर बल दिया।




