मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 18 सितंबर को ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान के समापन अवसर पर प्रदेशभर से चयनित 140 मेधावी छात्र-छात्राओं से सीधे रूबरू होकर ‘सपनों का उत्तराखण्ड’ विषय पर उनके विजन को जानेंगे। 10 अगस्त से शुरू हुए इस अनूठे अभियान में कक्षा 11वीं और 12वीं के लगभग 3 लाख विद्यार्थियों को जोड़ा गया था, जिनमें से 2,67,744 छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से राज्य के समग्र विकास पर अपने विचार और बहुमूल्य सुझाव साझा किए। विशेषज्ञ टीम द्वारा प्राप्त प्रविष्टियों में से चुने गए इन 140 श्रेष्ठ विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने 12वीं के बाद करियर कोचिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु ₹2 लाख तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा की है।

इस संवाद को नीतिगत और व्यावहारिक रूप देने के लिए मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को भी युवाओं के साथ वैचारिक मंथन करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं पर्यावरण, आईटी, पर्यटन, पलायन रोकथाम तथा महिला एवं बाल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर जेन-जी (Gen-Z) के इन युवाओं के सुझावों को समझकर मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा केवल राज्य का भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान नीति-निर्माण के भी सक्रिय भागीदार हैं। उनके सार्थक और नवोन्मेषी सुझावों को सरकारी योजनाओं का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प में उत्तराखण्ड की युवा शक्ति निर्णायक योगदान दे सके।




