मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ‘सीएम हेल्पलाइन 1905’ और जनहित से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जन शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि फरियादियों की समस्याओं का धरातल पर वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने 30 दिन तथा 180 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों की जवाबदेही तय करने को कहा। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं फोन कर कई शिकायतकर्ताओं से बातचीत की और समस्याओं के निस्तारण का जमीनी सच जाना। साथ ही, उन्होंने जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने, दाखिल-खारिज व भूमि धोखाधड़ी के मामलों का त्वरित निस्तारण करने तथा आगामी 15 दिन के भीतर पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने मानसून के चलते क्षतिग्रस्त हुई प्रदेश की सभी सड़कों को तत्काल गड्ढामुक्त करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने घोषणा की कि 15 अक्टूबर के बाद वे स्वयं सड़क मार्ग से यात्रा कर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता का औचक निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य, यातायात, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा स्वाइन फ्लू सहित अन्य संक्रामक व जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए अस्पतालों में पुख्ता प्रबंध करने को कहा। साथ ही, उन्होंने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तीसरे चरण और आगामी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बहुउद्देशीय शिविर आयोजित कर सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक मौके पर ही पहुंचाने पर बल दिया।




