मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता और डिजिटल पुलिसिंग (CCTNS एवं ICJS 2.0) की प्रगति को लेकर दो उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने प्रदेश में उत्पादित दलहन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नैफेड और एनसीडीसी के माध्यम से खरीद सुनिश्चित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक संचालित होने वाली इस परियोजना के तहत उड़द, अरहर और मसूर की उत्पादकता व गुणवत्ता को बढ़ाकर 12 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, किसानों को बेहतर बाजार, उन्नत बीज और मूल्य संवर्धन की सुविधा देने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष सेल गठित करने और स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने पर जोर दिया गया।


डिजिटल पुलिसिंग एवं आपराधिक न्याय प्रणाली की समीक्षा में यह सामने आया कि राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य ने सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रगति डैशबोर्ड में 13वें स्थान से छलांग लगाकर 9वीं रैंक हासिल की है, जबकि आईसीजेएस (ICJS 2.0) डैशबोर्ड में उत्तराखंड देश भर में तीसरे स्थान पर और एनसीएलआई रैंकिंग में 18वें पायदान पर पहुंच गया है। ई-साक्ष्य, न्यायश्रुति और ई-समन जैसी डिजिटल सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने तकनीकी बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईटीडीए को सीसीटीएनएस के लिए एक स्वतंत्र व सुरक्षित डेटा रिकवरी सेंटर (DRC) तैयार करने तथा एफआईआर दर्ज होते ही पक्षकारों का पूर्ण विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करने की व्यवस्था बनाने को कहा, ताकि डिजिटल न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति लाई जा सके।




