डीएम के निर्देश- कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में शिक्षकों की करें पुनर्रचना

ख़बर शेयर करें -

भीमताल। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन, भीमताल में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें पिछले एक साल में विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण और जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों और दिए गए निर्देशों पर चर्चा की गई। बैठक में लगभग 50 ग्रामों के निवर्तमान प्रधान और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनका जिलाधिकारी ने स्वयं भ्रमण किया था या जिनके गांवों में जनसुनवाई की गई थी। इस दौरान जिलाधिकारी को कुल 1503 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 694 का समाधान किया गया, जबकि 809 शिकायतों पर कार्यवाही जारी है।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने और संबंधित सूचना प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को जनसुनवाई के दौरान उठाए गए मुद्दों का प्राथमिकता से समाधान करना होगा। जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न गांवों से जुड़ी समस्याएं प्रस्तुत की और विभागों द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जिलाधिकारी को फीडबैक भी दिया।

यह भी पढ़ें 👉  'हर घर तिरंगा' अभियान: सीएम धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर तिरंगा फहराकर दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश; प्रदेशवासियों से की अभियान में जुड़ने की अपील

ओखलकांडा से आए प्रधानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी की समस्या उठाई। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसे विद्यालयों में, जहां छात्रों की संख्या कम है, वहां शिक्षकों की पुनर्रचना कर अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में उनका समायोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव दो दिन में तैयार करके अनुमोदन के लिए भेजा जाए।

धारी क्षेत्र के भ्रमण के दौरान, जीआईसी पहाड़ पानी में मरम्मत की आवश्यकता बताई गई थी। जिलाधिकारी ने सीईओ को सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रस्ताव तैयार कर मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही, मल्ला गांव बेतालघाट में स्कूल में रैलिंग लगाने का प्रस्ताव तैयार करने और कार्य जल्द शुरू करने का निर्देश दिया।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर: रामदत्त जोशी अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग, राहुल दरम्वाल के नेतृत्व में युवाओं ने CMS को सौंपा ज्ञापन

थलाड़ी, दीना, मझोली, और मौनी गांव के निवासियों द्वारा मोटर मार्ग निर्माण की मांग पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (लो.नि.वि.) और ग्रामीण निर्माण विभाग को निरीक्षण करने और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

सिंचाई विभाग को मल्ली सेठी में चेक डैम के प्रस्ताव की तैयारी और ऊंचाकोट, सरना, दाडिमा में पाइन लाइन से पेयजल आपूर्ति की जांच करने के लिए ईई को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। जल संस्थान के अधिकारियों को ठेकेदारों की लापरवाही को रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए, खासकर ताकुला क्षेत्र में जहां कार्य में देरी हो रही थी।

मुख्य कृषि अधिकारी को लाखनमंडी और लालकुआं क्षेत्रों में वास्तविक कृषि भूमि चिन्हित करने और जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए ताड़-बाड़ लगाने का निर्देश दिया। हिम्मतपुर चौमवाल में क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए बीडीओ हल्द्वानी को प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  दून विश्वविद्यालय में 'दीक्षारम्भ सत्र' की शुरुआत: सीएम धामी ने ₹28.59 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का किया लोकार्पण; 88.4 FM कम्युनिटी रेडियो लॉन्च

ग्रामीणों ने सोलर लाइट, तारबाड़, बाढ़ सुरक्षा कार्य, पार्किंग, और सिंचाई नहरों के निर्माण की मांग उठाई। जिलाधिकारी ने कुछ स्वीकृत प्रस्तावों की जानकारी दी और नए कार्यों के लिए विभागों को आगणन तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में सीडीओ अशोक पांडेय, डीडीओ गोपाल गिरी, एपीडी चंदा फर्त्याल और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का समाधान शीघ्र और प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति और तेज हो सके।

Ad_RCHMCT