मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूर्ण करने और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान ‘शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट में दस माह में मात्र 10 प्रतिशत कार्य होने पर कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी के प्रति तीव्र असंतोष व्यक्त करते हुए कार्यस्थल पर ही एक समर्पित प्रोजेक्ट मैनेजर तैनात करने के आदेश दिए गए। साथ ही सभी परियोजनाओं के लिए टाइमलाइन आधारित पर्ट (PERT) चार्ट बनाने तथा रिवर राफ्टिंग विकास एवं उसके पांच वर्षीय रखरखाव हेतु हरिद्वार व ऋषिकेश के लिए समर्पित टीमें तैनात करने को कहा गया।

आगामी कुंभ मेला 2027 के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने प्राथमिकता वाले कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से हरिद्वार स्थित सती कुंड से संबंधित कार्यों को आगामी 15 दिसंबर तक पूरा करने के लिए श्रमिकों और कार्य की शिफ्ट बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, हरिद्वार में चल रही परियोजनाओं की निरंतर निगरानी हेतु कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक को वहीं कैंप कर जिलाधिकारी व मंडलायुक्त को नियमित प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए।

पार्किंग विकास और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार क्षेत्र में नए पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले संबंधित जिलाधिकारी एवं मेलाधिकारी से लिखित अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने जमीनी व्यावहारिकता के आधार पर सरफेस, अंडरग्राउंड या मैकेनिकल पार्किंग मॉडल का चयन करने और इसे अन्य विभागीय योजनाओं के साथ एकीकृत करने को कहा। इसके साथ ही परियोजनाओं में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए एक उच्चस्तरीय ‘फाइनेंसियल एवं ऑडिट कमेटी’ गठित करने के भी निर्देश दिए गए।




