भूकंप के लगे झटके- कोई गंगा में डूबा तो कोई कार में दबा, प्रशासन का रेस्क्यू, मॉक ड्रिल में खामियां

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उत्तराखंड में गुरूवार को आये भूकंप के झटकों ने भारी क्षति पहुंचाई। इससे जहां कई लोग गंगा नदी में डूब गए तो कई लोग हादसों में घायल हो गए। चारधाम यात्रा की तैया‌री परखने के लिए किए गए इस मॉकड्रिल से शासन-प्रशासन की तैयारियों की पोल भी खुल गई। अब शासन की ओर से नई गाइडलाइन बनाई गई। नई गाइडलाइन के आधार पर दोबारा मॉकड्रिल करवाई जाएगी। टिहरी और देहरादून जिले में भी आपदा प्रबंधन मॉक अभ्यास किया गया।

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आपदा से निपटने के लिए गुरुवार सुबह उत्तरकाशी जिला अस्पताल में मॉकड्रिल करवाई गई, लेकिन मॉकड्रिल में कुछ कमियां पाई गईं। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, मुख्य विकास अधिकारी जयकिशन, अपर जिलाधिकारी रज़ा अब्बास सहित सभी जिम्मेदार अधिकारी आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचे। इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) को सक्रिय कर आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी संसाधनों को तत्काल स्टेजिंग एरिया पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

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जनपद में रात से जारी बारिश को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन, यात्री वाहन के मलबे में दबने यात्री वाहन गिरने आदि की सूचना मिली। उक्त घटनाओं की  जिलाधिकारी को जानकारी दी गई, जिसके बाद जिलाधिकारी द्वारा तत्काल जनपद स्तरीय आईआरएश एवं तहसील स्तरीय आईआरएस सक्रिय किए जाने के निर्देश दिए गए है।

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