संवादी कार्यक्रम: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘प्रथम गांवों’ के रूप में विकसित हो रहे हैं सीमांत क्षेत्र: मुख्यमंत्री धामी

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देहरादून के मसूरी रोड स्थित एक होटल में शनिवार, १३ जून २०२६ को आयोजित ‘दैनिक जागरण’ के संवादी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश और उत्तराखंड के विकास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आजाद भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्हें पूर्ण जनादेश के साथ सर्वाधिक समय तक देश की सेवा करने का अवसर मिला है। उनके इस कार्यकाल में ज्ञान, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा और खेल समेत हर क्षेत्र में देश ने ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और डबल इंजन की सरकार आज विकास, सुशासन व जन कल्याण का पर्याय बन चुकी है।

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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति असीम लगाव रेखांकित करते हुए बताया कि वे प्रधानमंत्री बनने के बाद अब तक २८ बार देवभूमि आ चुके हैं। उन्होंने चीन सीमा से सटे सीमांत गांव माणा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने ही इस क्षेत्र को देश के ‘अंतिम गांव’ के बजाय ‘प्रथम गांव’ की नई पहचान दिलाई है। केंद्र सरकार के सहयोग से इन सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में अब तक २ लाख ६५ हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जिनमें सीमांत माणा गांव की शत-प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है।

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राज्य की आर्थिक और पर्यटन प्रगति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में २३ करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड आए हैं, जिससे स्थानीय जनता की आर्थिकी को बड़ा संबल मिला है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में शीतकालीन चारधाम यात्रा की शुरुआत की गई है तथा उत्तराखंड ने जी-२० शिखर सम्मेलन और राष्ट्रीय खेलों जैसे बड़े आयोजनों की सफल मेजबानी की है। उत्तराखंड की भौगोलिक संवेदनशीलता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने समय-समय पर आई प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का डटकर सामना किया है और प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को जल्द से जल्द सामान्य करने के सरकार के प्रयासों को वैश्विक स्तर पर भी सराहना मिली है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले ५ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा जनभावनाओं के अनुरूप लिए गए कड़े और ऐतिहासिक निर्णयों को साझा किया। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके अलावा, युवाओं को रोजगार के पारदर्शी अवसर प्रदान करने और भर्ती प्रक्रियाओं में शुचिता बनाए रखने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इन कड़े सुधारों के परिणामस्वरूप पिछले ५ वर्षों में ३३,००० से अधिक युवाओं को सरकारी विभागों में नियुक्तियां दी गई हैं, जिससे उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग और सुदृढ़ पहचान स्थापित की है।

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