उत्तराखंड के दो राजनीतिक दलों के लिए बड़ा खतरा, चुनाव आयोग ने जारी किया अल्टीमेटम

ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड के दो अमान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों को  चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। इन दलों ने पिछले छह वर्षों में चुनाव लड़े हैं, लेकिन अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और चुनाव खर्च विवरण चुनाव आयोग को प्रस्तुत नहीं किए हैं।

आयोग के अनुसार, भारतीय सर्वोदय पार्टी (पता: 152/126 पटेल नगर पश्चिम, देहरादून) और उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी (पता: 13-सुभाष रोड, सेंट जोसेफ स्कूल के पिछले गेट के सामने, देहरादून) ने वित्तीय वर्षों 2021-22, 2022-23 और 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट एवं चुनाव खर्च विवरण समय पर जमा नहीं किया। विधानसभा चुनाव के 75 दिनों और लोकसभा चुनाव के 90 दिनों के भीतर यह रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।

यह भी पढ़ें 👉  चारधाम यात्रा-2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा; अब तक 50.56 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 66.07 लाख पंजीकरण

चुनाव आयोग ने इन दोनों दलों को 13 अक्टूबर तक अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। यदि दल अपनी रिपोर्ट समय पर नहीं देते हैं तो उन्हें गंभीर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  'मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन': सीएम धामी ने छात्रों से किया सीधा संवाद; बोले—'नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा'

राजनीतिक दल लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29 के तहत पंजीकृत होते हैं। पंजीकरण के बाद चुनाव आयोग इन दलों को कई प्रकार के लाभ प्रदान करता है, जैसे कि आयकर छूट, चुनाव प्रतीकों का आवंटन, मान्यता और स्टार प्रचारकों का नामांकन। इससे पहले आयोग ने 17 राजनीतिक दलों को सूची से हटाया जा चुका है।

Ad_RCHMCT