नशे के खिलाफ उत्तराखंड में छिड़ेगा संयुक्त जन जागरण अभियान: डी.के. जोशी संयोजक और ताराचंद घिल्डियाल बने सह-संयोजक

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नशा मुक्त भारत -नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को लेकर दो दिवसीय सम्मेलन में ष पारित प्रस्ताव एवं निर्णय।
-पूरे देश में शराबबंदी की मांग।
-प्रतिबंधित नशे की खुलेआम हो रही बिक्री पर चिंता प्रकट करते हुए सरकार एवं प्रशासन से प्रभावी कार्यवाही की मांग।
-मुख्य चुनाव आयुक्त, राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारी से आचार संहिता के साथ ही शराब बंदी को भी शामिल करने की मांग।
-नशा मुक्त जन जागरण संयुक्त अभियान समिति उत्तराखंड के डी के जोशी संयोजक, ताराचंद जल्दियाल को सह संयोजक बनाया गया।

नशा मुक्त भारत नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को लेकर जैन धर्मशाला देहरादून में आयोजित दो दिवसीय (२४-२५मई)अंतर राज्यीय सम्मेलन में केंद्र एवं राज्यों की सरकार से पूरे देश में शराबबंदी लागू करने , मुख्य चुनाव आयुक्त भारत सरकार, राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारी से आचार संहिता लागू होने के साथ -साथ संबंधित राज्य में शराब बंदी की मांग को लेकरजनता को जागरूक करने के उद्देश्य से जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
नशा मुक्त भारत ,नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को लेकर देहरादून जैन धर्मशाला में आयोजित सम्मेलन के संपन्न होने के बाद रामनगर पहुंचने पर आयोजन समिति के सदस्य राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि नशा मुक्त भारत नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को लेकर आयोजित सम्मेलन में उत्तराखंड सहित हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों के 55 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में भाग लेकर इस गंभीर समस्या पर गहन चिंतन,विचार विमर्श करने के उपरांत निर्णय एवं प्रस्ताव पारित किए।
आयोजन समिति के सदस्य प्रभात ध्यानी ने बताया कि उत्तराखंड में नशे के खिलाफ संयुक्त रूप से जन जागरण अभियान चलाया जाएगा जिसके लिए राज्य के उन तमाम संगठनों ,व्यक्तियों को नशा मुक्त जन जागरण संयुक्त अभियान समिति में एक सहयोगी के रूप में शामिल किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी संयोजक अधिवक्ता उच्च न्यायालय नैनीताल डी के जोशी बागेश्वर ( व्यसन मुक्त समाज एवं सिविल सोसाइटी गरुड़ बागेश्वर)एवं सहसंयोजक के रूप में नेकी की दीवार के माध्यम से जनपद नैनीताल में कार्य कर रहे ताराचंद घिल्डियाल को सदन द्वारा सर्वसम्मति से दी गई।
सम्मेलन में मुख्य चुनाव आयुक्त भारत सरकार एवं राज्यों के मुख्य चुनाव अधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की जाएगी कि जिन भी प्रदेशों में विधानसभा ,नगर पालिका, नगर निगम, पंचायत, कोऑपरेटिव सोसाइटी के चुनाव के लिए आचार संहिता जारी की जाए उसी समय से उन प्रदेशों में ,जनपदों में, विकास खण्ड में शराबबंदी भी लागू की जाए। सम्मेलन में शराबबंदी को लेकर आंदोलन कर रहीमहिलाओं तथा पुरुषों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा हरिद्वार ,नैनीताल ,उधम सिंह नगर ,नोएडा ,गुड़गांव आदि स्थानों पर आंदोलन कर रहे मजदूरों पर की गई उत्पीड़नात्मक करवाई की निंदा करते हुए जेल में बंद मजदूरों को बिना शर्त रिहा करनेतथा उन पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गयी। सम्मेलन में सूखा नशा चरस अफीम गांजा स्मैक हीरोइन इंजेक्शन के प्रतिबंधित होने के बावजूद गली-गली मोहल्ले में सर्व सुलभ उपलब्ध होने पर गंभीर चिंता प्रकट करते हुए शासन प्रशासन से प्रतिबंधित नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है।

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