मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) के संबंध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने पीएम पोषण योजना की विस्तृत जानकारी ली और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने योजना के तहत अधिक से अधिक स्कूलों का सोशल ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल ऑडिट में पाई गई कमियों की जानकारी संबंधित जनपदों को देने और उनके अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
उन्होंने विद्यालयों में बच्चों की डिजिटल मैपिंग और ट्रैकिंग मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान देने, विशेषकर एनीमिया से पीड़ित बच्चों का उपचार और निरंतर फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों का स्थान-विशेष विश्लेषण करने के भी निर्देश दिए, ताकि यह पता चल सके कि किस जनपद या ब्लॉक के बच्चों में किस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं अधिक हैं। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित क्षेत्रों में समस्या-निराकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा सकेंगे।
सचिव श्री रविनाथ रमन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार को प्रस्तावित वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विभाग ने नई पहल के रूप में बागेश्वर और हरिद्वार जनपदों की कुल 78 भोजन माताओं को मशरूम खेती का प्रशिक्षण दिया है, ताकि मध्याह्न भोजन में पोषक तत्व बढ़ाए जा सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के सहयोग से बच्चों को सप्ताह में दो बार फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड स्किम्ड दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है।
इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, रोहित मीणा और निदेशक विद्यालयी शिक्षा मुकुल कुमार सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




