रामनगर-(प्रेरणादायक खबर) नेत्रदान-महादान के वाक्य को साकार कर दिखाया रामनगर के एक समाजसेवी ने।।

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रामनगर – समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो इंसान अपनी मौत के बाद भी कर सकता है।ऐसा ही कर दिखाया रामनगर पंजाबी कॉलोनी निवासी वीरेंद्र अरोरा ने।

बता दें कि पंजाबी कॉलोनी निवासी वीरेंद्र अरोरा जो उम्र समाज के दबे कुचले और अन्य जरुरत मंदो के लिए सदैव प्रयासरत रहते थे।मृतक अरोरा ने मरने से पूर्व अपने परिजनों के समक्ष नेत्र दान करने की इच्छा जताई।उनका कहना था कि नेत्रदान से जहाँ उन्हें महादान का मौका मिलेगा वहीं एक नेत्रहीन के जीवन मे उजाला होगा।

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इधर जब पंजाबी कॉलोनी निवासी वीरेंद्र अरोरा हुए थे सड़क दुर्घटना वीरेंद्र की उपचार के दौरान हुई मौत।उसके बाद उनकी इच्छानुसार उनके पुत्र ने जो की समाज सुधार के क्षेत्र की अग्रणी संस्था फर्स्ट स्टैप बी प्राउड से जुड़े हैं। उन्होंने फर्स्ट स्टैप बी प्राउड के मोहित अग्रवाल के सहयोग से वीरेंद्र अरोड़ा की आंखों का किया गया नेत्रदान।

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मुरादाबाद सी0 एल0 गुप्ता आई बैंक के सहयोग से देर रात रामनगर चिकित्सालय में उनका नेत्रदान हुआ।

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