आपदा संभावित खतरों से निपटने के लिए संवेदनशील गांवों में तैनात होंगे 10-10 ग्रामीण

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नैनीताल। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा है कि किसी भी प्रकार की आपदा सेे सम्भावित खतरों एवं उससे निपटने के लिए अतिसंवेदनशील आपदाग्रस्त पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामों में 10-10 ग्रामवासियों की तैनाती की जायेगी।

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आपदाग्रस्त संवेदनशील क्षेत्रों में 10-10 ग्रामवासिंयो को प्रशिक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि भौगोलिक संरचना के कारण जनपद को प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे अनेक जन-धन की हानि होती है।

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उन्होंने कहा आपदा पूर्व तैयारी, बचाव, राहत कार्य, पुनर्वास आदि के द्वारा इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। इस हेतु जिलाधिकारी ने समस्त तहसीलों के साथ ही आपदा नियंत्रण कक्ष, बाढ चौकियों पर कार्मिकों की तैनाती कर सुचारू संचालन हेतु आपदा के प्रति संवदेनशील ग्रामों के स्थानों पर राहत केन्द्र व राहत शिविरों का चिन्हिकरण करने निर्देश दिये। उन्होंने कहा जिन क्षेत्रों मेें आपदा आती है सर्व प्रथम ग्रामीण ही आपदा स्थल पर पहुंचते है।

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इसलिए उन्होंने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि आपदा से पूर्व अतिसंवदेनशील ग्राम के 10-10 ग्रामीणों को प्रशिक्षित कर उनका डाटा व दूरभाष नम्बर आपदा कन्ट्रोल रूम में देना सुनिश्चित करें ताकि आपदा के दौरान उनसे समन्वय बनाया जा सके। उन्होने कहा है कि आपदा के प्रबन्धन हेतु तहसीलों, थानों के साथ ही अन्य विभागों जो उपकरण रखे हैं उपकरणों की जांच कर सूची आपदा कन्ट्रोल रूम को देना सुनिश्चित करें।  

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