उत्तराखंड एकीकृत बागवानी विकास परियोजना की मुख्य सचिव ने की समीक्षा: ‘पीएम गतिशक्ति’ पर होगी डिजिटल मैपिंग; सोलर कोल्ड स्टोरेज और महक क्रांति के लिए 10 वर्षीय रोडमैप के निर्देश

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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जाइका (JICA) द्वारा वित्तपोषित ‘उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास योजना‘ (2022-2029) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव ने परियोजना की बेहतर निगरानी, समन्वय और डेटा एकीकरण के लिए इसे ‘पीएम गतिशक्ति’ पोर्टल पर अपलोड कर जीआईएस (GIS) आधारित डिजिटल मैपिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी और उत्तरकाशी जनपदों के 16 विकासखंडों में गठित 16 क्लस्टर आधारित बिजनेस ऑर्गनाइजेशन (CBBOs) के कार्यों की अलग-अलग समीक्षा कर उनकी प्रगति का आकलन करने को कहा गया।

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योजना को धरातल पर सफल बनाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में सिंचाई और सप्लाई चेन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। मुख्य सचिव ने सिंचाई व लघु सिंचाई विभाग को इन 16 क्लस्टरों में पुख्ता सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार 30 मीट्रिक टन वाले कोल्ड स्टोरेज रूम्स का आकार छोटा व आवश्यकतानुसार लचीला बनाने के लिए जाइका से सहमति लेने तथा सौर ऊर्जा आधारित कोल्ड स्टोरेज की संभावनाएं तलाशने को कहा।

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सगंध और औषधीय खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘महक क्रांति‘ के तहत वर्ष 2026 से 2036 तक का 10 वर्षीय विजन और वार्षिक लक्ष्य निर्धारित कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिसमें किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री उपलब्ध कराना प्रमुख रहेगा। इसके साथ ही पॉलीहाउस योजना की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के आदेश दिए गए। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम और सचिव डॉ. एस.एस. पाण्डेय सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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