दिल्ली सरकार ने उत्तराखंड परिवहन निगम के उड़ाए होश ,पढ़े खबर

ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड परिवहन निगम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जानकारी हमें बता दें कि दिल्ली सरकार ने उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों को दिल्ली में जाने के लिए दिल्ली की आप सरकार के द्वारा निगम के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है बता दे 2003 में उत्तराखंड परिवहन निगम का गठन हुआ था जिसके बाद से उत्तराखंड परिवहन निगम करीब 10 करोड़ का घाटा हुआ। आज यह घाटा 22 सालों में करीब 500 करोड़ से ज्यादा का हो चुका है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड के चर्चित IPS प्रहलाद नारायण मीणा को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी, दिल्ली WCCB में बने उप निदेशक

इस बीच निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती आन पड़ी है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के पत्र ने परिवहन निगम के होश ही उड़ा दिए हैं। इसमें अक्टूबर तक देहरादून से दिल्ली आने वाली बसों को बीएस 6 के स्तर तक होने की बात कही गई है। उत्तराखंड परिवहन निगम के पास फिलहाल करीब 1271 बसे हैं।

जबकि, देहरादून से दिल्ली के लिए करीब 250 बसें संचालित की जा रही है। अनुबंधित बसों को जोड़ लिया जाए तो राज्य के पास केवल 50 बसें ऐसी है, जो अपडेटेड तकनीक BS 6 की है।

यह भी पढ़ें 👉  बिना नंबर प्लेट फर्राटा भरने वाले बाइकर्स पर काशीपुर पुलिस का हंटर: एक दर्जन मोटरसाइकिलें सीज


ऐसे में प्रदेश को अक्टूबर तक 200 बसों की जरूरत है। इसके लिए परिवहन निगम की तरफ से पिछले दिनों करीब 143 बसों का टेंडर भी जारी किया गया है। अगर परिवहन निगम ने अक्टूबर तक बसों का इंतजाम नहीं किया तो दिल्ली सरकार के पत्र के अनुसार देहरादून से दिल्ली जाने वाले मुसाफिरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का 2 नवंबर को एक दिवसीय हल्द्वानी दौरा: NKB TIMES के लॉन्चिंग समारोह में करेंगे शिरकत

दरअसल परिवहन विभाग को वित्तीय वर्ष 2021-22 में करीब 74 करोड़ का घाटा लगा। उधर, इससे भी बड़ी चुनौती ये है कि करीब 500 करोड़ के घाटे में चल रहे परिवहन निगम अब 200 बस कैसे खरीदेगा।

हाल ही में कांवड़ यात्रा के दौरान भी परिवहन निगम को करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ था। कुल मिलाकर बात यह है कि बेहद खराब आर्थिक हालात में 200 बसों की व्यवस्था करना, परिवहन निगम के लिए लगभग नामुमकिन है

Ad_RCHMCT